Tuesday, 29 January 2013

सपनों में समानता

ये जरूरी नहीं की हम सब भौतिक रूप से एक सामने इकट्टा हो, और ये भी जरूरी नहीं है की हम सब के विचार एक हो,

एक साथ होने के लिए सिर्फ ये जरूरी है कि सबके सपने एक होने चाहिए, आशा है कि हमारे सपने एक है "उत्तराखंड में पलायन को रोकना"और "पहाड़ों का विकास करना"..............

शायद अब हमें एक हो जाना चाहिए विचारों से नहीं शायद सपनों से ही सही।

सभी उत्तराखंडी भाइयों से निवेदन है की आप सभी गाँव फाउंडेशन से जुड़ें और अपने विचार gaonfoundation@gmail.com
पर जरूर भेजें

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